देश में जंग छिड़ी हुई है। हजारों जवान अपनी जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा करने में जुटे हुए हैं। दूसरी ओर, रांची में असामाजिक तत्वों ने आतंकवादियों को धूल चटाने के दौरान शहीद हुए लांसनायक राजकुमार महतो की आदमकद प्रतिमा को तोड़ दिया। अनगड़ा के मिलन चौक पर स्थापित प्रतिमा शुक्रवार को सुबह क्षतिग्रस्त पाई गई। प्रतिमा की ऐसी स्थिति देख शहीद की पत्नी जयप्रभा महतो घटनास्थल पर ही धरने पर बैठ गईं। देखते ही देखत यह सूचना पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने को शहीद का अपमान बताकर हंगामा करना शुरू कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे अनगड़ा थानेदार हीरालाल साह से ग्रामीणों ने दो टुक कहा कि जब तक शहीद की प्रतिमा के साथ ऐसी हरकत करने वाले गिरफ्तार नहीं होते हैं, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा। थानेदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शहीद की प्रतिमा के साथ इस तरह की हरकत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। मौके पर शहीद की पत्नी ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए 4 जून 2004 को आतंकवादियों से लड़ते हुए उनके पति जम्मू-कश्मीर के बारामूला के पूंछ सेक्टर में शहीद हो गए। ग्रामीणों ने उनके सम्मान में मिलन चौक पर आदमकद प्रतिमा स्थापित की। लेकिन असामाजिक तत्व देश के वर्तमान हालात में प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने जैसा कृत्य करके जवानों का मनोबल तोड़ने की साजिश रच रहे हैं। प्रशासन को ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। आतंकवादियों से लड़ते शहीद हुए थे लांसनायक राजकुमार ग्रामीणों ने बताया कि शहीद राजकुमार महतो का जन्म 9 अक्टूबर 1974 को अनगड़ा प्रखंड के मासू गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 1994 में इंडियन आर्मी ज्वाइन की। वे एक जांबाज, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक के रूप में उभरे। लांसनायक जैसे पद तक पहुंचे। अपनी मातृभूमि की रक्षा करते आतंकवादियों से लड़ते हुए 4 जून 2004 को जम्मू कश्मीर के बारामूला के पूंछ सेक्टर में शहीद हुए।


