कलेक्टर ऋजु बाफना ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में 6 कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवनों को 26 जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। इन भवनों में रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और बाला गतिविधियों सहित अन्य आवश्यक कार्य भी समय पर पूर्ण करने को कहा गया। “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने असंतोष जताया। उन्होंने संबंधित सहायक यंत्री और उपयंत्री को एक सप्ताह में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। कम प्रगति वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सीईओ का 5-5 दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। क्लस्टर स्तर पर साप्ताहिक बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा गया। डग पॉन्ड निर्माण और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और किसानों को एक्सपोजर विजिट कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अपूर्ण गौशालाओं को जल्द पूरा करने, अतिक्रमण मुक्त करने और चारागाह विकसित करने को कहा। अमृत सरोवरों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण और मनरेगा जॉबकार्ड धारकों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक आनंद राघव तिवारी का 10 दिन का वेतन काटने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। भुगतान में लापरवाही के लिए जिला पंचायत कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 रितेश मालवीय और सामाजिक अंकेक्षण जिला समन्वयक कमलेश पाटीदार का 15-15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। आजीविका मिशन में लक्ष्य से कम प्रगति के कारण मोहन बड़ोदिया विकासखंड के तीन अधिकारियों का 10-10 दिन का वेतन भी काटा गया। जल जीवन मिशन की समीक्षा में प्रगतिरत एवं अपूर्ण कार्य एक माह में पूर्ण कर पंचायतों को हस्तांतरित करने, अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने और पेयजल समस्या वाले गांवों में स्रोत चिन्हांकन के निर्देश दिए गए। साथ ही पंचायतों में जलकर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में नरेगा, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अनुपमा चौहान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


