शाजापुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी पथ संचलन 2 अक्टूबर को आयोजित किया गया। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हुए इस संचलन में 4380 स्वयंसेवकों ने अनुशासन के साथ कदमताल की। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय हायर सेकंडरी ग्राउंड पर परम पवित्र भगवा ध्वज को प्रणाम, शारीरिक प्रदर्शन और शस्त्र पूजन से हुआ। इस मौके पर शारीरिक कसरत और योगाभ्यास भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गायत्री शक्तिपीठ की वरिष्ठ कार्यकर्ता और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि की जिला प्रमुख मनोरमा सोनी ने की। मंच के दोनों ओर स्वयंसेवक परिवारों के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और गणमान्य अतिथियों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की गई थी। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस भव्य कार्यक्रम को उत्साह के साथ देखा। हायर सेकंडरी ग्राउंड से शुरू हुआ पथ संचलन स्वयंसेवकों का अनुशासित पथ संचलन हायर सेकंडरी ग्राउंड से प्रारंभ हुआ। यह बस स्टैंड, नई सड़क चौक, किला रोड, धानमंडी, बलबीर हनुमान मंदिर, सोमवारिया बाजार, मगरीया और टेंशन चौराहा होते हुए पुनः हायर सेकंडरी ग्राउंड पर समाप्त हुआ। नगरवासियों ने पूरे मार्ग में पथ संचलन का आत्मीय स्वागत किया। आम नागरिकों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। 50 वाहिनियों में 10 घोष दल शामिल संचलन का मुख्य आकर्षण घोष दल रहे। कुल 50 वाहिनियों में 10 घोष दल शामिल थे। घोष की ताल पर स्वयंसेवक राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ कदमताल करते आगे बढ़ते रहे। 10 वर्ष के बाल स्वयंसेवकों से लेकर वयोवृद्ध कार्यकर्ताओं तक ने इसमें भाग लिया। संघ के शताब्दी वर्ष के कारण इस पथ संचलन का विशेष महत्व है। इसे नगर के इतिहास का अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक संचलन माना जा रहा है। कुल 4380 स्वयंसेवक इस अनुशासनबद्ध पथ संचलन में सम्मिलित हुए। देखें तस्वीरें…


