शाजापुर जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जरूरत के समय मरीज को एम्बुलेंस नहीं मिलने की शिकायतों के बीच अब एक वीडियो सामने आया है, जिसमें 108 एम्बुलेंस के फर्जी कॉल पर चलने और सरकारी पैसे के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह वीडियो पोलायकलां बस स्टैंड का बताया जा रहा है, जो रविवार का है लेकिन मामला रविवार देर रात को सामने आया है। पूरा मामला पोलायकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। यहां एक देवर अपनी गर्भवती भाभी को डिलीवरी के लिए अस्पताल लाया था, लेकिन समय पर 108 एम्बुलेंस नहीं मिल सकी। परेशान परिजन ने जब एक 108 एम्बुलेंस का पीछा किया तो वह बिना किसी मरीज के इधर-उधर घूमती नजर आई। इसी दौरान युवक ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। दो बार एंबुलेंस बिना मरीज के मिली वीडियो में प्रीतम वर्मा दावा कर रहे हैं कि एम्बुलेंस को लालपुर का केस बताया गया था, जिसे शुजालपुर छोड़ा गया। लेकिन जब शुजालपुर में पता किया गया तो उस नाम का कोई मरीज वहां मौजूद ही नहीं था।इसके बाद एम्बुलेंस टांडा गई और फिर सीधे पोलायकलां पहुंची, जहां बस स्टैंड पर करीब एक घंटे तक खड़ी रही। इस दौरान एम्बुलेंस में कोई मरीज नहीं था। प्रीतम का आरोप है कि जिस एम्बुलेंस का नंबर 5327 है। वह पोलायकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है और फर्जी कॉल के जरिए सिर्फ घूमती रहती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिन में दो बार यह एम्बुलेंस देखी, लेकिन दोनों बार उसमें कोई मरीज नहीं था। जब उन्होंने 108 का रजिस्टर देखने की कोशिश की तो कर्मचारियों ने रजिस्टर छीन लिया और जांच नहीं करने दी। पायलट ने आरोप गलत बताए मामले में 108 एम्बुलेंस में पदस्थ ईएमटी प्रेम नारायण प्रजापति ने कहा कि उन्हें यहां आए सिर्फ दो-तीन दिन हुए हैं। इससे पहले वे शुजालपुर में थे। वहीं पायलट धीरज शर्मा ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कोई फर्जी कॉल नहीं की जा रही है। इस मामले में शाजापुर जिला अस्पताल में 108 की देखरेख करने वाले अधिकारी राजन यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जांच कराने के बाद कार्रवाई करेंगे स्वास्थ्य विभाग के 108 नोडल अधिकारी भूदेव मेहता ने कहा कि मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। संबंधित एम्बुलेंस की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।


