शाजापुर के वार्ड नंबर 20 में लोग गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि यहां के लोग सालों से इसी परेशानी को झेल रहे हैं। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जब पूरे प्रदेश में पानी की जांच हो रही है, तब शाजापुर के इस वार्ड में नगरपालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को जब मीडिया की टीम वहां पहुंची, तो लोगों ने नगर पालिका के अफसरों के खिलाफ जमकर अपना गुस्सा निकाला। सालों से दे रहे आवेदन: अधिकारियों ने शिकायतों को किया अनसुना वार्ड के रहने वाले बंटी भावसार ने बताया कि वे साल 2017 से लगातार गंदे पानी की शिकायत कर रहे हैं। पिछले 8 सालों में कई बार आवेदन दिए, वीडियो और फोटो भी अधिकारियों को दिखाए, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। अफसर आते हैं, थोड़ा-बहुत काम देखते हैं और चले जाते हैं, पर कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। लोगों का कहना है कि उनके पास शिकायतों और गंदे पानी के सबूतों का पूरा ढेर लगा है। घरों में फैल रही बीमारी: गंदा पानी पीने से बच्चे और बुजुर्ग परेशान वार्ड की रहने वाली सुनीता भावसार ने बताया कि इस गंदे पानी को पीने की वजह से मोहल्ले में पेट दर्द और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियां आम हो गई हैं। कई बार लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं, लेकिन नगर पालिका ने अब तक कोई पक्का इंतजाम नहीं किया है। ताज्जुब की बात यह है कि इस वार्ड के पार्षद संतोष जोशी खुद नगर पालिका के उपाध्यक्ष हैं, इसके बावजूद जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। टंकी की सफाई का बहाना: सीएमओ ने नहीं उठाया फोन, अध्यक्ष बोले- जल्द सुधारेंगे जब नगर पालिका सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित को फोन लगाया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। हालांकि, वॉट्सऐप पर भेजी गई गंदे पानी की फोटो देखकर उन्होंने जवाब दिया कि पानी की टंकी साफ होने की वजह से ऐसा पानी आ रहा होगा। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने भी यही कहा कि टंकी की सफाई के कारण समस्या हुई होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही शहर के लोगों को साफ पानी मिलने लगेगा।


