सवाई माधोपुर| जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शारीरिक साक्षरता क्षमता वर्धन कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला में जिले के सभी ब्लॉकों से 40 से अधिक शारीरिक शिक्षकों ने भाग लिया। यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र विकास में शारीरिक शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य शिक्षा की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से डाइट और पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया कि शारीरिक साक्षरता जीवन का एक अतुलनीय हिस्सा है। कार्यशाला प्रभारी श्रीकांत शर्मा एवं संदर्भ व्यक्ति कमलेश गुर्जर के मार्गदर्शन में शिक्षकों को प्रभावी गतिविधियों के बारे में व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बीएएलए का प्रदर्शन भी शामिल था, ताकि शिक्षक इन रचनात्मक तरीकों को अपने विद्यालयों में अपना सकें। पीरामल फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रोग्राम लीडर खुलूस खान ने शिक्षकों को 21वीं सदी की शिक्षा में शारीरिक साक्षरता के महत्व से अवगत कराया और राज्य स्तर पर चल रही विभिन्न जानकारी साझा की। भविष्य की योजना के संदर्भ में कार्यशाला में शिक्षकों ने आगामी दिनों के लिए एक व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार की, जिसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक ने अपने-अपने विद्यालय में बच्चों के साथ कराने के लिए शारीरिक साक्षरता से जुड़ी नवाचारी गतिविधियों को लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया।


