शासकीय जमीन पर कब्जा करने वाले गए जेल:फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय जमीन पर कब्जा करके बेचा

दुर्ग पुलिस ने शासकीय जमीन पर कब्जा करने वाले और उसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बेचने वाले वाले गिरोह का पर्दाफास किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कम्प्यूटर सिस्टम, कलर प्रिंटर, 3 मोबाईल, आधार कार्ड, 2 फर्जी ऋणपुस्तिका और अन्य सामग्री जब्त किया है। दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि अतिरिक्त तहसीलदार दुर्ग क्षमा यदु (32 साल) ने वैशाली नगर थाने में मामले को लेकर एक शिकायत पत्र भेजा था। 21 मार्च 2023 को आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस को शिकायत में बताया गया कि 0.023 हेक्टेयर जमीन जोन कमांक 2 वार्ड नंबर 14 बाबादीप सिंह नगर में कब्जा की गई है। यह जमीन शासकीय मजीन है, लेकिन इसे एन धन राजू ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुकेश यावने को बेज दिया। एन. धन राजू ने उस जमीन को अरविन्द भाई के माध्यम से बिकवाया था। यह जमीन कागजात में उद्योग विभाग के नाम से दर्ज है। इस पर वैशाली नगर थाने में धारा 420, 34 के तहत ठगी का मामला दर्ज किया। फर्जी पहचानकर्ता को खड़ा कर बिकवा दी जमीन पुलिस ने जांच में पाया कि 18 जुलाई 2017 को हरिश चन्द राठौर ने खसरा 5407/3, 5407/4 रकबा 0.07, 0.09 हेक्टयर को फर्जी पहचानकर्ता खड़ा कर बिकवा दिया। इसके लिए जमीन मालिक अरविन्द भाई की जगह पुरुषोत्तम डोंगरे (65 साल) निवासी शांति नगर चिखली जिला राजनांदगांव को खड़ा किया गया। इसी तरह पहचानकर्ता गवाह की जगह तिलकचंद गोंडाने (34 साल) निवासी पेन्ड्री अटल आवास राजनांदगांव और खेमचन्द उर्फ खेमू डोंगरे (28 साल) निवासी मोतिकपुर सुनालचाल थाना चिखाली राजनांदगांव को खड़ा किया गया। पहले लिया पावर ऑफ अटर्नी आरोपियों ने पहले फर्जी जमीन मालिक और पहचानकर्ता को खड़ा करके अपने नाम पर जमीन की पावर ऑफ अटर्नी लिया। इसके लिए फर्दी दस्तावेज दुर्गा कम्प्युटर मालवीय रोड से संतोष साहू से बनवाए गए। उसने लाइसेंसी ईश्वर यादव के नाम पॉवर आफ अटर्नि बनवाया। फिर हरिश राठौर ने पॉवर आफ अटर्नि तैयार कर ऋण पुस्तिका हेमंत सोनवानी से 5000 में प्राप्त किया। 10-10 लाख रुपए बेच दी जमीन एन धनराजू और संतोष नाथ उर्फ जांबर ने हरिश से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 10-10 लाख रुपए में 20 जुलाई 2017 को रजिस्ट्री करा लिया। एन धनराजू ने बताया कि भू स्वामी अरविन्द भाई के खाते की जानकारी रजिस्ट्री में लेख नहीं की गयी है और न ही अब तब की विवेचना में किसी के अरविन्द या पुरुषोत्तम के खाते में जमीन बेचने का लेख किया गया है। पुरुषोत्तम डोंगरे बना अरविंद भाई पुरुषोत्तम डोंगरे निवासी शांति नगर चिखली राजनांदगांव अरविन्द भाई की जगह खड़े होकर पावर आफ अटर्नी लिया। उसने उप पंजीयक के सामने खड़े होकर फर्जी दस्तावेज दिया और खुद को अरविंद भाई बताया। इसलिए उसके खिलाफ धारा 420,467,468,471,120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया। इस तही पावर ऑफ अटर्नी में तिलकचंद गौडाने निवासी पेन्ड्री अटल आवास राजनांदगांव और खेमचन्द उर्फ खेमू डोंगरे निवासी मोतिकपुर चिखाली राजनांदगांव फर्जी गवाह बनकर खड़े हुए। उन्होंने उप पंजियक के सामने गवाही दी कि परुषोत्म ही अरविंद भाई है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला भी गया जेल हरिशचन्द राठौर (48 साल) निवासी सेक्टर 2 सडक नं. 3 क्वाटर नं. 8/बी को भी जेल ठगी के मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है। उसने जानते हुए भी कि पुरुषोत्तम अरविन्द भाई नहीं है, अरविन्द की जमीन के पावर ऑफ अटर्नी पेपर तैयार कररवाया। साथ ही पुरुषोत्तम को अरविन्द भाई की जगह खड़ा कर पवर ऑफ अटर्नी के पेपर दिलवाए। इसके लिए उसने पुरुषोत्म से 50 रुपए लिए थे। फर्जी लाइसेंस तैयार करने वाला भी गिरफ्तार पुलिस ने फर्जी लाइसेंस तैयार करने वाले संतोष कुमार साहू (46 साल) निवासी दीपक नगर मालवीय चौक थाना मोहन नगर दुर्ग के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। संतोष ने फर्जी लायसेंस तैयार किया। लाइसेंस में ईश्वर यादव का नाम एडिट कर उसकी जगह अरविन्द भाई का नाम लिखवाया। इस तरह उसने फर्जी लाइसेंस तैयार किया। इनके खिलाफ भी मामला दर्ज

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