भास्कर न्यूज | अमृतसर बिक्रम मजीठिया को विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार किए जाने के दौरान पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में थाना छेहर्टा पुलिस ने शिअद शहरी प्रधान सुरजीत सिंह पहलवान से 7 घंटे तक पूछताछ की। सुबह 12 बजे राजासांसी स्थित फार्म हाउस से पहलवान को हिरासत में लिया गया। सबसे पहले छेहर्टा थाने की पुलिस ने पहलवान को 3 घंटे तक थाने में बिठाकर प्रदर्शन में शामिल होने संबंधी पूछताछ की। इसके बाद थाना सिविल लाइन ले जाया गया जहां 4 घंटे तक पूछताछ करने के बाद शाम 7 बजे के बाद छोड़ दिया गया। इस दौरान दोनों थानों की पुलिस ने उनसे धरने में शामिल होने संबंधी जांच ही नहीं की बल्कि उनके मोबाइल को भी जब्त कर लिया गया। वहीं शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने सुरजीत सिंह को नाजायज तंग परेशान करने की कार्रवाई की निंदा की गई। सुखबीर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पुलिस को चेतावनी दी कि अकाली वर्करों को नाजायज परेशान करना बंद किया जाए। अकाली पार्षद बीबी नगवंत कौर के एडवोकेट बेटे किरनप्रीत सिंह मोनू ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सुरजीत सिंह को 7 घंटे से अधिक समय तक थानों में रखा गया। उन्होंने बताया कि 12 बजे हिरासत में लेने के बाद शाम 7 बजे के बाद उन्हें छोड़ा गया तथा उनका मोबाइल जब्त कर लिया गया। मोनू ने बताया कि उन्हें भी पुलिस के फोन आ रहे हैं कि वह भी संबंधित थाने में पेश हो क्योंकि डीडीआर में उनका नाम भी है। दूसरी तरफ एडवोकेट मोनू ने थाने में जाने से यह कहकर साफ इनकार कर दिया है कि बिना किसी नोटिस के थाने में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि घटना के समय तो वह घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। इसी बीच अकाली पार्षद अवतार सिंह ट्रकां वाला तथा अन्य अकाली नेताओं को भी पुलिस के फोन आ रहे हैं। अवतार सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने माना कि उन्हें भी पुलिस अफसरों के फोन आए हैं।


