भास्कर न्यूज | हसौद सरकार ने ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को गांव में ही बेहतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने कियोस्क बैंकिंग सेवा शुरू की थी, लेकिन कियोस्क संचालकों की मनमानी के कारण यह व्यवस्था अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। कियोस्क सेवा के लिए जिन स्थानों पर लाइसेंस दिए गए हैं, वहां शाखा संचालित करने के बजाय संचालक अन्य स्थानों पर दुकानें सजाकर बैठे हैं। हसौद और आसपास के क्षेत्रों में इस समय आधा दर्जन से अधिक कियोस्क बैंक संचालित हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अधिकृत हैं, लेकिन इनके संचालन में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। ग्राम चिस्दा थाना हसौद जिला सक्ती निवासी दूज बाई यादव पति सहनी राम यादव उम्र 49 वर्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनका स्टेट बैंक जैजैपुर शाखा में खाता क्रमांक 31145502596 है, जिसमें लगभग 1,70,000 (एक लाख सत्तर हजार रुपए) जमा थे। वे ग्राम कुटरा बोड़ निवासी श्याम लाल केंवट द्वारा संचालित कियोस्क शाखा में लेन-देन करती थीं। आरोप है कि श्याम लाल केंवट ने धीरे-धीरे उनके खाते से पूरी राशि निकाल ली और वर्तमान में ग्राम चिस्दा में संचालित कियोस्क शाखा बंद कर फरार हो गया है। महिला ने हसौद थाने में संचालक की शिकायत की है।


