ग्राम पंचायत बसरा का एक छोटा सा स्कूल है राजकीय प्राथमिक विद्यालय बलदेव नगर। यहां के प्रधानाध्यापक की मेहनत से परिसर में ढाई सौ से ज्यादा पौधे तो पनपाए ही है, साथ ही भौतिक सुविधाएं भी जुटा ली है। आज इस विद्यालय में बच्चे एलईडी पर पढ़ाई करते हैं। भवन में ट्रेन का लुक दिया है। विद्यालय में अनुशासन ऐसा कि सभी बच्चे पूर्ण स्कूल गणवेश में आते हैं, इसके साथ ही विद्यालय में भामाशाहों के सहयोग से बूट, टाई बेल्ट व आई कार्ड की भी व्यवस्था की गई हैं। प्रारंभिक शिक्षा का विद्यालय होने के बावजूद यहां के भामाशाह शिक्षा के प्रति सजग है। वे स्कूल में किसी भी प्रकार की कमी होने पर उसे तत्काल पूरा करते हैं। विद्यालय भवन का रंगरोगन व हराभरा परिसर आकर्षक विद्यालय कंपोजिट ग्रांट और जन सहयोग राशि का सदुपयोग करते हुए विद्यालय भवन को ट्रेन का लुक देकर शानदार डिजाइन किया गया। चारदीवारी का रंग-रोगन करवाया गया। अध्यापक भेराराम भाखर द्वारा अपनी आय से विद्यालय परिसर में विभिन्न 40 प्रजाति के 250 पौधे लगाकर विद्यालय के वातावरण को सुन्दर बनाया गया। भाखर पौधे लगाने को लेकर हमेशा सक्रिय रहते हैं, इन्होंने कई विद्यालयों में पहुंचकर अपने स्तर पर लाखों पौधे लगाए और कई स्थानों को हराभरा बनाया है। वंचितों तक पहुंचे शिक्षक अभिभावकों को प्रेरित किया प्रधानाध्यापक भेराराम भाखर व शिक्षक देवाराम डऊकिया ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अर्द्ध घुमंतु परिवार, आंगनबाड़ी केंद्रों, शिक्षा से वंचित परिवारों से डोर टू डोर संपर्क और संवाद कर प्रवेश योग्य बच्चों को चिन्हित किया। नए सत्र में एक जुलाई को जब विद्यालय खुला तो नामांकन 27 का था। जुलाई के प्रथम दिन 10 नव प्रवेशित किए और 15 जुलाई तक नामांकन 60 तक पहुंचा दिया। विद्यालय में शिक्षा का वातावरण अच्छा होने, शैक्षिक, सह शैक्षिक गतिविधियों का संचालन बेहतर होने से 40 से अधिक विद्यार्थी 3 से 4 किमी. दूरी से विद्यालय आते हैं। दानदाताओं के सहयोग से बदली स्कूल की तस्वीर संस्था प्रधान भेराराम भाखर बताते हैं कि प्रेरित करने से एनआरआई रमन सहारण ने एक लेपटॉप, बसरा निवासी मखनखान ने प्रिंटर, केशाराम सारण ने 60 विद्यार्थियों के लिए बूट एवं जुराब, विद्यालय स्टाफ द्वारा टाई बेल्ट व आई कार्ड, हिमताराम तरड़ द्वारा बड़ी एलईडी, लूणाराम सारण, लिखमाराम सारण, मुकेश गौड़ और अन्य द्वारा 30 जोड़ी स्पोर्ट्स किट, केशाराम ने कार्यालय के लिए बड़ी टेबल, अन्य दानदाताओं द्वारा 6 छत पंखे, 15 कुर्सियां सहित अन्य सामग्री दी गई।


