सेड़वा के धोलकिया में 22 जुलाई को पुलिस द्वारा जब्त की गई एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री के फरार चल रहे आरोपी कमलेश उर्फ कार्तिक निवासी लुंबाणियों की ढाणी चेनपुरा धोरीमन्ना को पुलिस ने सांगड़ के कुंडा गांव से गिरफ्तार किया। राजस्थान सहित मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तीन राज्यों में एमडी ड्रग्स का कारोबार चलाने वाले कमलेश उर्फ कार्तिक को एटीएस और एएनटीएफ की टीमों ने गिरफ्तार किया। एटीएस पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि एमडी तस्करी के मुख्य सूत्रधार कमलेश उर्फ कार्तिक को रविवार की सुबह सांगड़ के कूंडा गांव में संयुक्त कार्रवाई कर पकड़ा। आरोपी मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में क्राइम करता था और तीनों राज्यों की जेल में जा चुका है। यह 25 हजार रुपए का इनामी है। कार्तिक ने सभी गैंग सदस्यों को मिलाने और साथ बिठाने का काम किया था। पूणे जेल में कार्तिक की मुलाकात बिरजू शुक्ला से हुई थी। कार्तिक ने ही महाराष्ट्र ले जाकर सभी गैंग सदस्यों को साथ बैठकर एमडी की फैक्ट्री पूरे राजस्थान में लगाने की प्लानिंग बनाई। फैक्ट्री के लिए मशीन महाराष्ट्र और गुजरात से ली, केमिकल महाराष्ट्र के महाद इलाके से लाया गया। प्लानिंग के अनुसार बाड़मेर की स्थापित फैक्ट्री में प्रत्येक तीसरे-चौथे दिन 10 किलो एमडी तैयार कर राजस्थान और फिर समीपवर्ती इलाकों में सप्लाई की जानी थी। हर माह में करीब 20 करोड़ की एमडी तैयार कर सप्लाई करने की प्लानिंग थी। एमडी का कारोबार तीन परिवारों से जुड़े थे। राजू मांडा, रमेश और मांगीलाल साला-बहनोई है। वहीं कमलेश और सुरेश सगे भाई है। तकनीकी सूत्रधार बिरजू शुक्ला, शिवा और भोंसले महाराष्ट्र से आकर शामिल हुए। मांगीलाल और बिरजू पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। रमेश पर 1 लाख रुपए और राजू पर 40 हजार रुपए का इनाम है।


