शिक्षकों को केवल शैक्षणिक काम पर लगाया जाए: प्राचार्य

भास्कर न्यूज| बालोद शनिवार को नया बस स्टैंड में सहायक शिक्षक, शिक्षक और प्राचार्यों ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर जिले भर से हजारों की तादाद में हल्लाबोल प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सरकार से चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वायदों को याद दिलाना था। फेडरेशन ने चेताया कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। धरना में संबोधित करते हुए सेजेस प्राचार्य नीलम ने कहा कि ऑनलाइन अटेंडेंस से डर नहीं, हम तो वो शिक्षक हैं जो स्कूलों में घंटी बजाकर स्कूल प्रांरभ करते हैं तथा घंटी बजाकर स्कूल की छुट्टी करते हैं ऐसी तरह-तरह की आदेशों को परे कर सरकार को चाहिए कि शिक्षक को सिर्फ और सिर्फ शैक्षणिक कार्य पर ही लगाना चाहिए। जिला अध्यक्ष एलेन्द्र यादव ने कहा कि वेतन विसंगति को 100 दिन में दूर करने का वायदा अब तक पूरा नहीं हुआ। कहा कि सरकार द्वारा बार बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति आज पर्यंत तक पूरी नहीं हो पाई है, जबकि सरकार ने 100 दिनों में सभी मांगें पूरी करने का वायदा किया गया था। वेतन विसंगति दूर नहीं होने से हजारों शिक्षक आज भी वेतन विसंगति का दंश झेल रहे हैं। इस दौरान कार्यकारी जिलाध्यक्ष अनिल दिल्लीवार, जिला उपाध्यक्ष धनेश यादव, जिला सचिव खिलानंद साहू, जिला कोषाध्यक्ष दयाराम चुरेन्द्र, हेमंत देशमुख, शिवकुमार चौरके, लालमणि साहू, संजय सेन, नारायण साहू, भोजराम सिन्हा, लोकेंद्र यादव,चेतन गंगबेर, हेमेंद्र चन्द्रहास, गेवेन्द्र मानिकपुरी आदि उपस्थित रहे। इसे तत्काल बंद करना चाहिए: टीईटी को अनिवार्य बनाए रखने में और वीएसके एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति को शिक्षक समुदाय के ऊपर लागू करना अव्यवहारिक है इसे तत्काल बंद करना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने कहा, आंदोलन को सभी वर्गों का भरपूर समर्थन प्राप्त है; मांगों पर तत्काल कार्यवाही की आवश्यकता है। सरकार ने विपक्ष में रहते हुए खुद स्वीकार किया था कि सहायक शिक्षकों व शिक्षकों के वेतन में एकरुपता का अभाव है ।

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