शिक्षक बिना डिग्री कर रहा था इलाज:कलेक्टर ने किया निलंबित, क्लिनिक से दवाएं और इंजेक्शन जब्त

बैतूल के घोड़ाडोंगरी विकासखंड की प्राथमिक शाला कुण्डीखेड़ा में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक रघुनाथ फौजदार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर बिना वैध डॉक्टरी डिग्री और पंजीयन के अवैधानिक रूप से मरीजों का उपचार करने का आरोप है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बैतूल के प्रतिवेदन के आधार पर की है। जानकारी के अनुसार, 8 नवंबर 2025 को शिक्षक रघुनाथ फौजदार को मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा गया था। जांच टीम को मौके से एलोपैथिक दवाइयां, बायोमेडिकल वेस्ट, इंजेक्शन के वायल और उपचार में उपयोग होने वाले कई उपकरण मिले थे। शिक्षक का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है, जो कदाचार की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्राथमिक शिक्षक श्री फौजदार का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, घोड़ाडोंगरी कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कलेक्टर को इस मामले की शिकायत की गई थी।जिस पर उन्होंने सीएमएचओ को जांच टीम बनाकर मौके पर भेजने के निर्देश दिए।थे।टीम जब शिक्षक के घर पहुंची तो वह स्कूल के बजाए घर पर मरीजों का इलाज करते मिला था।

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