झारखंड के शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन का 15 अगस्त को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरा राज्य शोक में है। खासकर जमशेदपुर स्थित उनके टेल्को के घोड़ाबांधा आवास पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ रही है। यहां लोग मंत्री जी के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। आज उनका पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट ला गया। यहां से विधानसभा में अंतिम दर्शन के बाद घाटशिला विधानसभा क्षेत्र ले जाया जाएगा, जहां से वे तीन बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद जमशेदपुर घोड़ाबांधा आवास लाया जाएगा। समर्थक और क्षेत्रवासी उन्हें अंतिम बार श्रद्धांजलि देंगे। अर्जुन मुंडा बोले- राज्य ने अपना बेटा खो दिया झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य ने अपना एक बेटा खो दिया है। उन्होंने याद करते हुए कहा कि घोड़ाबांधा में सड़क नहीं हुआ करती थी। श्रमदान कर सड़क बनाने का काम रामदास सोरेन और उन्होंने मिलकर किया था। मुंडा ने कहा शुरुआती दौर में हम कई आंदोलनों में साथ रहे। बाद में वे झामुमो में चले गए और मैं भाजपा में, लेकिन घरेलू रिश्ते हमेशा बने रहे। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। जमशेदपुर में भावुक हुए समर्थक जमशेदपुर के टेल्को घोड़ाबांधा स्थित उनके आवास पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा हुआ है। मोहल्ले के लोग, पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक सभी मंत्री जी के निधन से स्तब्ध हैं। हर कोई उन्हें याद करते हुए भावुक हो रहा है। घर के बाहर रोते-बिलखते समर्थक कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने सिर्फ नेता नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य को खो दिया है। जमीन से जुड़े नेता थे रामदास सोरेन रामदास सोरेन अपनी सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे हमेशा जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए तत्पर रहते थे। शिक्षा मंत्री के तौर पर वे राज्य के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने में जुटे थे। उनके निधन से झामुमो और राज्य सरकार को गहरी क्षति हुई है। कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग सभी शोकाकुल हैं। अब सबकी निगाहें अंतिम संस्कार पर टिकी हैं, जो पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।


