पंजाब में बेरोजगार शारीरिक शिक्षा अध्यापक सरकार से नाराज हैं। बेरोजगार शारीरिक शिक्षा अध्यापक यूनियन ने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से मांग पत्र सौंपे। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को भी ज्ञापन दिया गया। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री ने कोई ध्यान नहीं दिया। यूनियन का कहना है कि 2021 में पीटीआई अध्यापकों की भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। 2023 में विभाग के गजट में भी बीपीएड, एमपीएड, डीपीएड और सीपीएड योग्य अध्यापक शामिल किए गए थे। दो साल इंतजार के बाद जब भर्ती का नोटिफिकेशन आया तो हजारों बीपीएड पास अध्यापकों से आवेदन का मौका छीन लिया गया। सौरव राय ने बताया कि इसमें उच्च योग्यता वाले बीपीएड और एमपीएड पास अध्यापकों को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ये पोस्ट 2021 की हैं और इन्हें रद्द नहीं किया गया था। फिर विभाग ने 2025 के गजट में नियम बदलकर गलत नोटिफिकेशन जारी कर दिया। यूनियन का आरोप है कि शिक्षा मंत्री पंजाब के युवाओं को नजरअंदाज कर बाहरी राज्यों से सीपीएड और डीपीएड पास अध्यापकों को नौकरी देना चाहते हैं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही शिक्षा मंत्री और सरकार ने तानाशाही फरमान वापस नहीं लिया तो पूरे पंजाब में उग्र प्रदर्शन होंगे।


