शिक्षा हमें सिखाती है कि दूसरों से बात करते समय हमें किस तरह के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए

भास्कर न्यूज|कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की आेर से डंडाडीह पंचायत भवन में बुधवार को चलंत लोक अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर हुआ। शिविर में मुख्य अतिथि डिफेंस काउंसिल सह अधिवक्ता अरुण कुमार ओझा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिवक्ता सुमन जायसवाल, अधिवक्ता अंजली राणा और मुखिया सुनीता देवी मौजूद रहीं। मौके पर अरुण कुमार ओझा ने कहा, शिक्षा से ही व्यक्ति का समग्र विकास संभव है। उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम सहित कई कानूनों की जानकारी दी। कहा, बाल विवाह कराना, करना या उसमें शामिल होना अपराध है। इसे रोकना सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो साल तक की सजा और एक लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान है। उन्होंने कहा, समाज में कई कुरीतियां फैली हैं। इन्हें दूर करने में हर व्यक्ति को भूमिका निभानी चाहिए। तभी स्वस्थ समाज बन सकता है। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। अधिवक्ता सुमन जायसवाल ने महिला प्रताड़ना, दहेज प्रथा और डायन प्रथा पर बात की। कहा, ये सामाजिक बुराइयां हैं। इनके लिए कानून में सजा का प्रावधान है। अधिवक्ता अंजली राणा ने शिक्षा का अधिकार और अन्य कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन पीएलबी शिवकुमार मोदी ने किया। मौके पर डॉ. सोनी कुमारी, पंचायत समिति सदस्य अशोक सिंह, पंचायत सचिव सुरेश चंद्र पासवान, रोजगार सेवक गोपाल शर्मा, पीएलबी दिनेश रजक, रिया कुमारी, सपना कुमारी, चमेली शर्मा, रेखा देवी सहित दर्जनों महिला-पुरुष मौजूद रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *