हिमाचल प्रदेश में शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-05 आज (शुकवार) शाम 6 बजे से कल यानी शनिवार सुबह 6 बजे तक वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह ने कहा, एनएच पर निगुलसरी में बहुत ज्यादा दलदल हो गया है। इसके परमानेंट सोल्यूशन के लिए आज रात स्पेशल रिपेयर की जाएगी। जगत नेगी ने कहा- शिमला-किन्नौर एनएच दो जगह बंद था। इससे सैकड़ों वाहन फंसे हुए थे। सारा ट्रैफिक बीती शाम को क्लियर कर दिया गया है। निगुलसरी में कीचड़ के कारण बने दलदल के निपटने के लिए कन्क्रीट रोड बनाया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो बारिश में भी यातायात प्रभावित नहीं होगा। बता दें कि, निगुलसरी में बीते तीन महीने के दौरान बार बार लैंडस्लाइड और बड़ी बड़ी चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित रहा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ साथ किन्नौर जाने वाले टूरिस्ट और सेब ढुलाई में लगे सैकड़ों ट्रांसपोर्टर भी परेशान रहे। इससे किन्नौर जिला में सेब और मटर की फसल पर संकट आ गया था। सड़क बंद होने से चीन के बॉर्डर पर तैनात आईटीबीपी जवानों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। बीते 15 दिनों के दौरान दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुओं की सप्लाई भी नियमित रूप से किन्नौर नहीं पहुंच पा रही थी। रोजाना रात डेढ़-दो बजे तक काम किया: जगत चंबा के भरमौर से लौटने के बाद राजस्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी चार दिन तक निगुलसरी में डटे रहे। बीती शाम को वह एनएच बहाल करके शिमला लौटे हैं। जगत नेगी ने कहा कि निगुलसरी में रात डेढ़ से दो बजे तक काम किया गया है। पहाड़ी से बार बार गिर रहे पत्थरों के कारण यहां काम करना जोखिमभरा था। निगुलसरी में बना रहे बाइपास, 80% काम पूरा: नेगी राजस्व मंत्री ने कहा, निगुलसरी में हर साल मानसून में लैंडस्लाइड से यातायात बाधित होता है। इसलिए यहां पर करीब 3 किलोमीटर लंबा बाइपास बनाया जा रहा है। इस बाइपास का 80 प्रतिशत काम पूरा कर दिया गया है। सतलुज नदी का जल स्तर अधिक होने की वजह से पुल का काम बचता है। इस बाइपास को जल्द तैयार किया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद निगुलसरी में लैंडस्लाइड के पास इसका वैकल्पिक सड़क के तौर पर इस्तेमाल हो सकेगा।


