शिमला में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी (डीसी) अनुपम कश्यप ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी और फेरी वालों सहित बाहरी राज्यों से अस्थायी रूप से रह रहे सभी कामगारों के लिए नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देना और पहचान सत्यापन करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप द्वारा जारी लिखित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिमला जिले में कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार या व्यापारी किसी भी प्रवासी मजदूर को तब तक नियुक्त नहीं करेगा, जब तक वह मजदूर अपना पूरा विवरण और पासपोर्ट आकार का फोटो संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को पहचान और पृष्ठभूमि सत्यापन के लिए प्रस्तुत न कर दे। इसी प्रकार, उपर्युक्त श्रेणी का कोई भी व्यक्ति शिमला जिले में आने पर किसी भी प्रकार के स्वरोजगार या अनौपचारिक सेवा/व्यापार में काम शुरू करने से पहले अपने इरादे की सूचना संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को अनिवार्य रूप से देगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर प्रवासी मजदूरों और उनके नियोक्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश मामले की तात्कालिकता को देखते हुए एकतरफा जारी किया गया है और यह सार्वजनिक रूप से लागू होगा। यह 1 दिसंबर, 2025 से प्रभावी होकर 31 जनवरी, 2026 तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन कानून के अनुसार दंडनीय होगा।


