सोनहत| ब्लॉक मुख्यालय सोनहत के मिनी स्टेडियम में चल रहे शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य विनयकांत त्रिपाठी ने कहा कि भगवान के पूजा में तामसी उंगली का उपयोग नहीं करना चाहिए। मृग मुद्रा के द्वारा बेल पत्र भगवान शिव को चढ़ाना चाहिए। उन्होंने शिवलिंग पर बेल चढ़ाने और पूजा के पुण्य और फल प्राप्ति को बताते हुए कहा कि हर कोई शिवलिंग की पूजा कर सकता है। स्पर्श कर सकता हैं, लेकिन स्पर्श करने वाला में शुद्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान का प्रसाद मिले या ना मिले सिर्फ प्रसाद को देखकर ही उसको पुण्य मिल जाता है। सोमवार को शिव पूजा की महत्व बताते हुए कहा कि सोमवार को पूजा करने से पूरे सातों दिन का फल प्राप्त हो जाता है। उन्होंने सोमवार को पूजा करने के लाभ और पुण्य को कथा के माध्यम से श्रोताओं को बताया। पृथ्वी से भारी कोई वस्तु है, तो वो मां का प्यार है। पुत्र कुपुत्र हो सकता है, लेकिन एक माता कभी कुमाता नहीं हो सकती है। एक मां ही है, जो कभी अपने पुत्र से झूठ नहीं बोलती है। इसके पहले तीसरे दिन बुधवार को तीसरे दिन सती प्राकट्य की भव्य झांकी के माध्यम से शिव पुराण के महत्व का भावपूर्ण संदेश दिया गया। इस अवसर महिला व बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विधायक रेणुका सिंह के साथ कथा श्रवण किया।


