रात में अचानक झोपड़ी में आग लगने से दादा हजारी बंजारा (78) और उनकी दो पोतियां अनुष्का (7) और संध्या (5) जिंदा जल गईं। जबकि तीसरी पोती भाटो की नींद खुलने पर उसने भागकर अपनी जान बचाई। घटना शनिवार रात 11 से 11:30 बजे के बीच बैराड़ तहसील के लक्ष्मीपुरा गांव में घटी। मृतक हजारी के भतीजे बृजेश बंजारा ने बताया कि मृतक के बेटे वासुदेव अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ रिश्तेदारी में आगरा गए थे। घर पर उनकी तीन बेटियां और एक बेटा थे। तीन पोतियां अनुष्का, संध्या और भाटो दादा हजारी के साथ झोपड़ी में सो रही थीं। रात में झोपड़ी में अचानक आग लगने पर भाटो की नींद खुल गई और उसने दादा और दोनों बहनों को जगाने की कोशिश की, लेकिन आग भड़कने से वह बाहर आ गई। झोपड़ी में घास फूस, लकड़ी और ऊपर प्लास्टिक की तिरपाल बिछी रहने से आग तुरंत भड़क गई। झोपड़ी का जलता हुआ छप्पर नीचे गिरने से तीनों झुलस गए। आगजनी में दादा हजारी और पोती अनुष्का की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि संध्या की सांसें चल रही थीं। उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल और फिर जीएमसी शिवपुरी, फिर ग्वालियर रेफर कर दिया। मोहना पर संध्या ने भी दम तोड़ दिया। शॉर्ट सर्किट या चूल्हे से आग लगने की आशंका
बैराड़ टीआई विकास यादव ने बताया कि रात में रसेरा सरपंच की सूचना पर एंबुलेंस और दमकल गांव में पहुंच गई थी। झोपड़ी में आग शॉर्ट सर्किट या फिर चूल्हे से लगने की आशंका है। रविवार को एसपी अमनसिंह और अपर कलेक्टर दिनेश शुक्ला भी मौके पर पहुंचे।


