अनूपपुर के कोतमा में सोमवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं ने केवई नदी पर बन रहे बांध के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। यह बांध अडानी कंपनी द्वारा विद्युत पावर प्लांट स्थापित करने के लिए छतई गांव में बनाया जा रहा है। शिवसेना ने बांध निर्माण कार्य तुरंत रोकने की अपील की। शिवसेना जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा ने सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि कोठी-छतई में बांध निर्माण से कोतमा की जीवनदायिनी केवई नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होगा। क्षेत्र में जल संकट गहरा सकता है। आशंका है कि बारिश के समय को छोड़कर नदी का पानी आगे नहीं जा पाएगा, जिससे कोतमा, भालूमाड़ा और जमुना क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न होगा। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बदलाव से पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, नदी के पानी की कमी से कृषि उत्पादन भी प्रभावित होने की संभावना है। शिवसेना ने अडानी कंपनी को कोठी-छतई में केवई नदी पर बनाए जा रहे बांध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की है। बांध के विरोध के साथ ही, शिवसेना ने कॉलरी के ठेकेदारों द्वारा मजदूरों के शोषण का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में बताया गया कि मजदूरों को एचपीसी दरों के अनुसार मजदूरी नहीं दी जा रही है, बल्कि उन्हें मात्र 240 या 250 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, राधा खदान साइडिंग में आए दिन ट्रेन के डिब्बों से कोयला चोरी कर ईंट भट्टों में बेचने का आरोप लगाया। कॉलरी महाप्रबंधक को ठेकेदारों द्वारा मजदूरों के शोषण को बंद करने और कोयला चोरों पर कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की। अडानी ग्रुप, जेएमएस कंपनी और रेऊला में खुले पावर प्लांटों को स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करने और क्षेत्र के विकास में योगदान देने का भी निर्देश देने की अपील की।


