बीकानेर | श्रीराम कथा समिति के तत्वाधान में सीताराम भवन में चल रही शिव पुराण कथा की मंगलवार को पूर्णाहुति हुई। भरत शरण ने कहा कि कि ज्ञान, धर्म, भक्ति का मूल है। पांच दान यश, मान, कीर्ति, नम्रता, सरल सत्य स्वयं परमात्मा है। कलियुग, कलियुग नहीं है बल्कि करयुग है। इससे पहले नारायण डागा और शीला डागा, प्रेम रतन चांडक ने परिवार सहित पूजा अर्चना करवाई। कथा के साथ-साथ प्रसंग के अनुसार संगीतकार सोनू, विष्णु तथा बंटी महाराज ने भजनों की प्रस्तुति से पूरे पंडाल को सदैव भक्ति युक्त बनाने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया।


