अमृतसर सिटी| प्राचीन शिव मंदिर छेहर्टा फाटक में संक्रांति का मासिक सत्संग किया गया। दीगम्बर स्वामी हरिनारायण महाराज ने संगत को अनुशासन का जीवन में महत्व बताया। सूर्य, चंद्र, जल, अग्नि, धरती आदि सभी तत्व अपने अनुशासन से चलते इसलिए जीवन चल रहा। अनुशासन जीवन की प्रत्येक व्यवस्था को सुंदर और सुगम बनाता है। इसलिए साधक का पहला नियम अनुशासन है। इस दौरान मातृभक्ति द्वारा 11 अखंड हनुमान चालीसा पाठ एवं भजन कीर्तन उपरांत आरती की गई।


