भास्कर न्यूज | जालंधर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान विधिपुर आश्रम में सत्संग का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और अनुशासनपूर्ण वातावरण में किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में भक्तों ने भाग लेकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया। साध्वी मेधावी भारती ने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य आत्मबोध की प्राप्ति है, जिसे केवल सच्चे गुरु की कृपा से ही जाना जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य बाहरी उपलब्धियों और भौतिक सुखों की दौड़ में उलझकर अपने आंतरिक सुख और शांति को खोता जा रहा है। ऐसे में गुरु ही वह दिव्य शक्ति है जो शिष्य को भीतर की यात्रा के लिए प्रेरित करता है। साध्वी ने अपने प्रवचन में स्पष्ट किया कि गुरु केवल मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि शिष्य के जीवन में चेतना का जागरण करने वाली दिव्य सत्ता है। गुरु के सान्निध्य से ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और व्यक्ति अपने कर्म, विचार और व्यवहार को शुद्ध कर सकता है। उन्होंने गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा प्रदत्त ब्रह्मज्ञान को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने आगे कहा कि नियमित सत्संग, ध्यान साधना और सेवा भाव से जुड़कर ही मानव अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है। गुरु कृपा से मन में स्थिरता आती है, नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में संतुलन स्थापित होता है। श्रद्धालुओं ने ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति और सकारात्मक अनुभव की अनुभूति की। संगत ने गुरु चरणों में नमन करते हुए मानव कल्याण, समाज में सद्भाव और विश्व शांति की मंगल कामना की।


