छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है। 20 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस राज्य सरकार को धान खरीदी में अव्यवस्था, कानून व्यवस्था तथा अनियमितता को लेकर घेरने की कोशिश करेगी। पीसीसी चीफ दीपक तथा नेता प्रतिपक्ष डा.चरणदास महंत की उपस्थिति में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। नेता प्रतिपक्ष डा.चरणदास महंत ने कहा कि हमने अपने कई वरिष्ठ पूर्व विधायकों को बैठक में बुलाया था। उन्होंने नए विधायकों को सदन के भीतर अपनी बात रखने के संबध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अपने अनुभव नए विधायकों से साझा किए। कांग्रेस पार्टी पूरी मुस्तैदी से अपनी बात को रखेगी आैर राज्य सरकार की कमियों को उजागर करेगी। बैठक में नहीं आए भूपेश: महंत ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेश का गला खराब है इसलिए वे बैठक में शामिल नहीं हुए। लेकिन सोमवार से वे पूरी मुस्तैदी के साथ सदन में नजर आएंगे। नक्सल समस्या हल करने फर्जी इनकाउंटर न हो: सिंहदेव पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि विधानसभा के पूर्व सदस्यों को बुलाया था ताकि प्रदेश के जनता की बात सदन के भीतर महत्वपूर्ण तरीके से उठाई जाएगी। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण तथा स्थगन के माध्यम से कांग्रेस अपनी बात रखेंगी। उन्होंने कहा कि अमित शाह के पहले मोदी जी आए थे उन्होंने धान की खरीदी का एकमुश्त पैसा देने की बात कही थी, पहले वो तो दे दें। नक्सल समस्या तो बहुत बड़ी बात है. नक्सल समस्या के जो डेडलाइन दी गई है वह तो कहने की बातें हैं। 31 मार्च तक नक्सल समस्या हल करने के लिए सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि एक भी निर्दोष व्यक्ति मारा न जाए। सदन से सड़क तक सरकार से लड़ाई लड़ रही है कांग्रेस: बैज पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि विधायक दल की बैठक में इस एक साल की विफल सरकार को जनता के बीच बेनकाब करने की रणनीति तैयार की गई है। सबसे प्रमुख मुद्दा धान खरीदी रहेगा, क्योंकि यह पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है। किसान सड़कों पर आ चुके हैं। राइस मिलर्स हड़ताल पर हैं। धान का उठाव हो नहीं रहा है। 31 सौ रुपए किसानों को नहीं मिल रहा है। इन सब मुद्दों पर कांग्रेस सदन में अपनी बात रखेगी। कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर भी कांग्रेस मुखर रहेगी. सरकार एक महीने तक सत्र चलाएगी तो भी कांग्रेस के पास मुद्दों की कमी नहीं है। कांग्रेस सदन के भीतर और बाहर लड़ाई लड़ रही है। हमारे विधायक चाह रहे हैं कि चर्चा हो। हंगामा करना हमारा मकसद नहीं बल्कि चर्चा करना कांग्रेस का मकसद है। विधायकों ने लगाए 814 सवाल, चार विधेयक भी पेश होंगे
विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है। एक दिन अवकाश की वजह से सत्र 4 दिन का होगा। इस सत्र के लिए विधायकों ने 814 सवाल लगाए गए हैं, जिनमें 420 तारांकित हैं। 140 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी आएंगे। विधानसभा स्पीकर डा. रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा की चर्चा में भाग लेना विपक्ष के लिए एक अवसर है। चार दिन के सत्र के दौरान चार विधेयक पेश किए जाएंगे। बहुमत के आधार पर उन्हें कानून का दर्जा मिल सकता है। इसके अतिरिक्त चार अशासकीय संकल्प भी पेश किए जाने वाले हैं।


