शीतलहरों के कारण सरगुजा में लौटी ठंड, न्यूनतम तापमान 7°C:संभाग के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में ठंड ने ठिठुराया, अधिकतम तापमान भी गिरा

उत्तरी सर्द हवाओं के कारण सरगुजा में कड़ाके की ठंड की वापसी हो गई है। पिछले 24 घंटे में सरगुजा में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री से अधिक की गिरवाट आई है। शुक्रवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया था। सरगुजा के पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक में कड़ाके की ठंड का असर आगामी दो से तीन दिनों तक रह सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के सााि ही तेजी से प्रवेश कर रही शीतलहरों ने फिर से ठिठुराने वाली ठंड ला दी है। पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान 11 डिग्री एवं उपर दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटे में ही न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री से अधिक की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान अब भी गिरकर 28 डिग्री के नीचे पहुंच गया है। तीन दिनों तक रह सकता है शीतलहरों का असर
शीतलहरों के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ के पाट इलाकों से लेकर मैदानी इलाकों में भी ठिठुराने वाले ठंड की वापसी हो गई है। पाट क्षेत्रों में भी सर्द हवाओं के कारण तेजी से तापमान गिरा है। सामान्यतः सरगुजा संभाग में फरवरी माह ठंडा ही रहता है। इस वर्ष पश्चिमी विक्षोभ के कारण जनवरी में कम ठंड पड़ी है। लोगों के स्वास्थ्य पर असर
पाट क्षेत्रों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जा रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ठंड कम होने के कारण दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि रातें सर्द होने से लोग सर्दी, खांसी और मौसमी बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं। तीन दिनों तक पड़ सकती है कड़ाके की ठंड
मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट ने कहा कि आगामी दो से तीन दिनों तक शीतलहरों का असर दिख सकता है। इसके बाद न्यूनतम एवं अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। विक्षोभ का असर समाप्त होने के कारण शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान

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