“शुद्ध हृदय वाले भक्त की ओर स्वयं आकर्षित होते है‌ं ईश्वर’

भास्कर न्यूज | जालंधर मां बगलामुखी धाम, गुलमोहर सिटी में भक्तों की ओर से शनिवार को श्री शनिदेव महाराज जी का हवन किया गया। ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान संजीव शर्मा से विधिवत वैदिक रीति के अनुसार पूजन करवाया और सपरिवार हवन कुंड में आहुतियां डलवाईं। धाम के प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने कहा कि अगर प्रभु को पाना है तो राग द्वेष का त्याग जरूरी है। सबसे नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करना चाहिए, छल कपट रहित भक्ति से प्रभु शीघ्र ही प्रकट होते हैं। संत कबीरदास जी के एक दोहे का अर्थ समझाते हुए भारद्वाज कहते हैं कि जब व्यक्ति का मन गंगाजल की तरह निर्मल यानी पूरी तरह शुद्ध हो जाता है, गहरी आध्यात्मिक व्याख्या यह है कि हमें ईश्वर को खोजने की बजाय अपने भीतर मन को शुद्ध करने की कोशिश करनी चाहिए। जब हमारा मन लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या और अन्य विकारों से मुक्त हो जाता है, तब वह शुद्ध और पवित्र होता है। मन के निर्मल होते ही साधक को ईश्वर को ढूंढने की जरूरत नहीं रहती, बल्कि ईश्वर स्वयं उस शुद्ध हृदय वाले भक्त की ओर आकर्षित होते हैं। इस मौके पर समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप, दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया, नरेश, कोमल, वेद प्रकाश, मुनीष मेहरा समेत अन्य मौजूद रहे। मां बगलामुखी धाम, गुलमोहर सिटी में हवन करते हुए श्रद्धालु।

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