सलामतपुर | नव युवक शुभांक सिंघई ने मात्र 15 वर्ष की कम उम्र में गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना स्थान बनाया है, इससे पहले शुभांक ने 23 सितम्बर 2024 को इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड में अपना स्थान हासिल किया था। शुभांक सिंघई को आधिकारिक तौर पर गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स द्वारा दुनिया के सबसे कम उम्र के प्रमाणित एथिकल हैकर सीईएच के रूप में मान्यता दी गई है। उन्हें कम उम्र में प्रतिष्ठित प्रमाणित सूचना सुरक्षा और नैतिक हैकर सीआईएसईएच प्रमाणन प्राप्त करने के लिए इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स द्वारा भी सम्मानित किया गया है। इन पुरस्कारों के अलावा, शुभांक ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने समर्पण और असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एथिकल हैकिंग में कई प्रमाणन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। शुभांक मूलतः भोपाल के रहने वाले हैं परन्तु इनकी माता नीरू जैन सलामतपुर की होने के कारण यह सलामतपुर में डियर भांजे के नाम से चर्चित है। यह होता है एथिकल हैकर एथिकल हैकर, किसी संगठन के सिस्टम में कानूनी तरीके से घुसकर कमज़ोरियों का पता लगाते हैं यदि किसी हैकर द्वारा कम्पनी या सरकार के किसी सिस्टम को हैक कर लिया गया है तो यह अपनी टेक्निकल प्रक्रिया द्वारा उसका समाधान करके कम्पनियों को सुरक्षा प्रदान करते है। उन्हें ठीक करते हैं। उनका मकसद, संगठन को साइबर हमलों और सुरक्षा उल्लंघनों से बचाना होता है।


