सरकार के दो साल पूरे होने पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बाड़मेर जिले की चार विधानसभाओं के रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्री ने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि रिफाइनरी का अप्रैल माह में प्रोडक्शन स्टेज पर आ जाएगी। वहीं, एटी इनकंबेंसी के सवाल पर शेखावत ने कहा राजस्थान में 5 साल में सरकारें बदलने की परंपरा इस बार तोड़कर रहेंगे। हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में एटी इनकंबेंसी की बातें की जाती थी लेकिन वहां की जनता ने उसको दरकिनार कर दुबारा सरकार बना दी। दरअसल, सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर महावीर टाउन हॉल में प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बाखासर से बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां पर सरकार के कामों की बने रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक प्रियंका चौधरी, जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई, भाजपा नेता स्वरूप सिंह, दिलीप पालीवाल, महामंत्री महावीर सिंह चूली, देवीलाल कुमावत समेत पदाधिकारी मौजूद रहें। अप्रैल में रिफाइनरी में प्रोडक्शन स्टेज पर रिफाइनरी शुरू होने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- पहले अशोक गहलोत इस बात का जवाब दें कि पांच साल सत्ता में थे तब उन्होंने फैसलों में देरी की थी। इसके कारण रिफाइनरी का काम लटका है। मैं आपको विश्वास के साथ कहता हूं कि अप्रैल तक रिफाइनरी प्रोडक्शन के स्टेज पर आ जाएगी। एटी इनकंबेंसी प्रो इनकंबेंसी बनी बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा जीतें, 5 साल सरकार बदलने का मिथक तोड़ेंगे एंटी इनकंबेंसी चार साल बाद होती है लेकिन इस बार दो साल में देखने को मिल रही है इस सवाल पर मंत्री ने कहा- नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद एंटी इनकंबेंसी प्रो इनकंबेंसी में तब्दिल हो जाती है। जब हरियाणा में चुनाव हो रहे थे तब भी एंटी इनकंबेंसी की बात करते थे। प्रो इनकंबेंसी हुई पहले से ज्यादा सीटें मिली। महाराष्ट्र में चुनाव की बात कर रहे थे तभी एंटी इनकंबेंसी की बात करते थे। सरकार इतने टुकड़ों में इसके लिए बहुत एंटी इनकंबेंसी थी। तब भी प्रो इनकंबेंसी हुई। जब अभी हम बिहार चुनाव लड़ रहे थे तब भी कह रहे थे कि सूपड़ा साफ हो जाएगा। बिहार में प्रो इनकंबेंसी हुई मजबूत बहुमत बिहार की जनता दे दिया। अभी बार राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा है इस परंपरा को तोड़कर रहेंगे। जिलाध्यक्ष सूची उपलब्ध करवाएंगे बीते दो सालों में बाड़मेर में ना शिलान्यास हुआ और ना लोकार्पण हुआ इस सवाल पर गजेंद्र सिंह गुमराह करते नजर आए। कहा- मुझे लगता है कि आप लोगों को ठीक से देखने की आवश्यकता है। मैं जिलाध्यक्ष जी को कहूंगा बीते दो सालों में जितने उद्घाटन हुए है उसकी निश्चित रूप से आपको उसकी पूरी सूची राजस्थान के प्रत्येक गांव में, बाड़मेर के प्रत्येक गांव में किस तरीके से सड़कों का निर्माण हुआ है। बाड़मेर में किस तरीके से इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम हुआ है। नए कॉलेजों, पाठशालाएं और पानी कनेक्शनों की सूची उपलब्ध करवा दी जाएगी। सीटी स्कीन मशीन को लेकर रेडिशन समेत अनेक आपत्तियों को लाने की आवश्यकता होती है। मेडिकल कॉलेज बनने का एक लंबा प्रोसेस होता है। यहां के प्रशासन ने नए कॉलेज और डिपार्टमेंट के रेडियोग्राफी डिपार्टमेंट उसके निर्माण के लिए और उसके बाद संचालन के लिए इक्यूपमेंट और मैन पावर रिर्सोस चाहिएगें। सबके लिए 90 करोड़ की योजना बनाकर राजस्थान को भेज दी है। जिसको फाइनेंस डिपार्टमेंट ने एक्सपैक्ट कर अप्रूव कर दिया है। उसकी प्रक्रिया जो है।प्राइवेट सेक्टर में भी मेडिकल कॉलेज बनता है तो 6-7 साल लगते है। धीरे-धीरे चीजें डवलप होती है। थोड़े दिनों में रेडियोलॉजी का इश्यू वो एड्रेस हो जाएगा। 6 माह के लिए ऑन कांट्रेक्ट सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए भी सीटी स्कैन टैंडर अपलोड किया था। लेकिन टैंडर खारिज हो गया। दुबारा टैंडर हमने उसमें किया है मुझे लगता है जल्द रिजल्ट आ जाएगा।


