शेर-ए- पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि ऐतिहासिक रामबाग में पूरी श्रद्धा से मनाई गई। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से आयोजित समारोह में अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज विशेष रूप से शामिल हुए। इस मौके पर जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है जब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 1849 के बाद पहली बार रामबाग में गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश हुआ है। गुरबाणी का पाठ हुआ है, ईलाही बाणी के कीर्तन की अमृतवर्षा हुई है। उन्होंने एसजीपीसी व पंजाब सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिस तरह लाहौर या अन्य स्थलों पर महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि मनाई जाती है, उसी तरह रामबाग को भी हमेशा के लिए इसका केंद्रीय स्थल बनाया जाना चाहिए। आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए गए बिक्रम सिंह मजीठिया के पिता सत्यजीत मजीठिया की चीफ खालसा दीवान द्वारा सदस्यता रद्द करने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि धार्मिक संगठनों को राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। गायक व सिने स्टार दलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी में पाकिस्तानी अभिनेत्री की मुख्य भूमिका होने के चलते हो रहे भारी विरोध पर जत्थेदार गड़गज्ज ने संदेश देते हुए कहा कि दुनिया में नफरत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। “जिस तरह हवा दोनों तरफ से चलती है, हम पक्षियों को नहीं रोक सकते, उसी तरह किसी की आजादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हमें गुरु के वचन ‘लागु वैरी नहीं बेगाना’ को अपने जीवन में उतारना चाहिए। हमें हमेशा प्यार, भाईचारे और एकता की वकालत करनी चाहिए।


