भास्कर न्यूज | लुधियाना नवरात्र से पहले लुधियाना में जगह-जगह जागरण और पंडालों के लिए मां दुर्गा की मूर्तियों की तैयारियां जोरों पर हैं। शेरपुर चौक के कलाकार नरेश, कैलाश और वीरू ने विशेष पर्यावरण-फ्रेंडली मूर्तियां बनाई हैं। नारियल के छिलके, चॉक, मिट्टी और गत्ते से बनी ये मूर्तियां हल्की और टिकाऊ हैं। इनकी ऊंचाई 2 से 4 फीट तक है और कीमत 1200 से 3500 रुपए रखी गई है। प्रत्येक मूर्ति बनाने में करीब एक हफ्ता लगता है। इस बार एक कारीगर ने कुल 20 मूर्तियां तैयार की हैं और मार्केट में इनकी डिमांड बेहद हाई है। कारीगरों के अनुसार, पहले लोग पारंपरिक स्वरूपों की मूर्तियां खरीदते थे, लेकिन अब शेर पर सवार या असुरों का वध करती मां के रूप की डिमांड सबसे ज्यादा है। छोटे घरों के लिए 2-3 फीट की मूर्तियां ली जा रही हैं, जबकि बड़े पंडालों और मंदिरों के लिए 4 फीट तक की मूर्तियां मंगाई जा रही हैं। मिट्टी खासतौर पर हनुमानगढ़, नारोगढ़ और राजस्थान से मंगवाई जाती है। ये मूर्तियां पूरी तरह देसी मटेरियल से बनी हैं और पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं। सबसे पहले मिट्टी और गत्ते को मिलाकर बेस तैयार किया जाता है। इसके बाद नारियल के छिलकों से डिजाइन बनाई जाती है। अंत में रंग-रोगन कर मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जाता है।


