दौसा में जिला एवं सेशन न्यायाधीश केशव कौशिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव संतोष अग्रवाल और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश वीर ने श्यालावास स्थित विशिष्ट केन्द्रीय जेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कैदियों के लिए पीने के पानी, कपड़े और कंबल धोने की व्यवस्था, शौचालय-बाथरूम की सफाई, चिकित्सा सुविधा, भोजन की गुणवत्ता और उद्योगशाला में दी जा रही मजदूरी की स्थिति को मौके पर जांचा गया। निरीक्षण में सफाई से जुड़ी कमियां सामने आईं। पानी, धुलाई और जल भंडारण की जांच
निरीक्षण के दौरान कैदियों को पीने के लिए फिल्टरयुक्त और स्वच्छ पानी की उपलब्धता देखी गई। कंबल और कपड़े धोने के लिए पानी और धुलाई सामग्री की मात्रा, जल टंकियों और अन्य जल भंडारण पात्रों की सफाई की भी जांच की गई। शौचालय और बाथरूम की स्थिति पर असंतोष
जिला जज ने बंदियों के शौचालय और बाथरूम की सफाई व्यवस्था पर असंतोष जताया। नहाने की खेलियां गंदी पाई गईं। कई नलों में टोटियां नहीं लगी थीं। कुछ टॉयलेट की टाइलें और गेट टूटे हुए मिले और सफाई भी ठीक नहीं पाई गई। भोजन की गुणवत्ता मौके पर परखी
न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों के लिए तैयार भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की और भोजन व्यवस्था का आकलन किया। उद्योगशाला और मजदूरी की स्थिति जानी
इसके बाद उद्योगशाला का निरीक्षण किया गया। यहां बंदियों द्वारा बनाए जा रहे गलीचे और कंबल देखे गए। निर्माण कार्य में दी जा रही मजदूरी, भुगतान की स्थिति और गलीचा बनाने वाली कंपनी द्वारा मजदूरी से जुड़े किसी संभावित शोषण की जानकारी ली गई। डिस्पेंसरी और दवाइयों की जांच
कारागृह में बनी डिस्पेंसरी का निरीक्षण किया गया। यहां उपलब्ध दवाइयों की एक्सपायरी डेट जांची गई और बंदियों को दी जा रही चिकित्सा व्यवस्था को देखा गया। बंदियों से संवाद, समस्याएं सुनी गईं
निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने सभी बंदियों से बातचीत कर जेल में उपलब्ध सुविधाओं और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर जेल कारापाल रामचन्द्र सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।


