मैहर में प्रयागराज महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बनाए गए बैरिकेडिंग पॉइंट्स पर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर रानी बाटड ने जिले में दो प्रमुख स्थानों- खेरवासानी और खरामसेड़ा में चेक पॉइंट्स स्थापित किए थे, जहां चार पालियों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि, मंगलवार शाम करीब 5 बजे जब अमरपाटन के पास खरामसेड़ा चेक पॉइंट का निरीक्षण किया गया, तो वहां स्थापित पंडाल में एक भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस समय सीएमओ अमरपाटन सुषमा सिंह की ड्यूटी निर्धारित थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अमरपाटन आरती सिंह ने जांच का आश्वासन दिया है और यह पता लगाने का वादा किया है कि नियुक्त अधिकारी ड्यूटी पर क्यों नहीं थे। 24 घंटे अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य 10 फरवरी को जारी आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित इन चेक पॉइंट्स पर चौबीसों घंटे अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। पालियां सुबह 6 से दोपहर 12 बजे, दोपहर 12 से शाम 6 बजे, शाम 6 से रात 12 बजे, और रात 12 से सुबह 6 बजे तक निर्धारित की गई थीं।


