जोधपुर कमिश्नरेट की विशेष टीम ने कंबोडिया और मलेशिया से संचालित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने फर्जी भारतीय सिम कार्ड्स के जरिए देशभर में 1100 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 4 मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। आरोपियों ने कई टेलीकॉम कंपनियों के POS (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंट आईडी का दुरुपयोग कर लोगों के फर्जी डॉक्यूमेंट से हजारों सिम एक्टिवेट किए। इन सिमों को मलेशिया के सरगनाओं के जरिए कंबोडिया पहुंचाया जाता था, जहां से व्हाट्सएप और कॉल के जरिए निवेश, ट्रेडिंग और अन्य स्कीम्स के नाम पर लोगों से ठगी की जाती थी। जांच में पता चला कि सितंबर से नवंबर 2025 तक 2.30 लाख मोबाइल नंबरों का रिचार्ज डेटा निकाला गया। इनमें से 36 हजार सिम कंबोडिया में रोमिंग पर मिले, जिनमें 5300 से ज्यादा सिमों से ही 1100 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई। ठगी के शिकार हुए लोग पूरे देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फैले हैं। इस पूरे मामले की शुरुआत जोधपुर के रहने वाले मुराद खान नाम के एक व्यक्ति के नाम से हुई सिम से हुई, जो 7 महीने तक कंबोडिया में एक्टिव रहा। इस सिम से तेलंगाना के साइबराबाद में ही 89 लाख रुपए की ठगी हुई। शिकायत पर पुलिस ने एजेंट प्रकाश भील को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अपना कनेक्शन अन्य आरोपियों से बताया। जिसके बाद पुलिस ने प्रकाश भील (जोधपुर), मोहम्मद शरीफ (जोधपुर), संदीप भट्ट (लुधियाना, पंजाब), हेमंत पंवार (नागौर), रामावतार (नागौर) व हरीश मालाकार (अजमेर) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई फर्जी सिम, मोबाइल और डार्क वेब कम्युनिकेशन के सबूत बरामद किए। जांच में पता चला कि गिरोह में राहुल कुमार झा मुख्य लिंक था, जो सिमों को विदेश भेजता था। इसमें आरोपी सुनील कुमार ने 3 POS से फर्जी सिमें जारी की है, जो प्रेम नगर वार्ड नम्बर-5 (अनूपगढ़) श्रीगंगानगर का रहने वाला है। इसने कई टेलीकॉम एजेंटों के POS से फर्जी सिम एक्टिवेट करवाई और कंबोडिया भेजी। फिलहाल साइबर थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, 3 माह पहले श्रीगंगानगर साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में अनूपगढ़ के वार्ड 3 प्रेमनगर निवासी 26 साल के नवदीपसिंह मान और वीरेंद्रसिंह किया था। आरोपियों ने ग्राहकों को बिना बताए धोखे में रखकर 12 सिमकार्ड एयरटेल कंपनी के जारी किए। इनको एक्टिवेट करके अपने जानकार के माध्यम से कंबोडिया भिजवा दिए। इन सिमकार्ड से कंबोडिया में रहकर साइबर ठगों ने भारत के ही लोगों को पुलिस अधिकारी बनकर धमकियां दी और डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की थी।


