श्रीगंगानगर में लोहड़ी पर्व पर जिलेभर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। मंगलवार को मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाए गए इस त्योहार में सुबह से ही सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक गीत गाए, नृत्य किया और शाम को लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की। जिला मुख्यालय पर स्थित स्कूलों और कॉलेजों में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा परफॉर्म किया। स्कूल परिसरों में लोहड़ी जलाकर तिल, मूंगफली, रेवड़ी और गजक अर्पित किए गए। छात्रों ने अग्नि की परिक्रमा लगाई और सुख-समृद्धि की कामना की। शाम ढलते ही घरों, गलियों और मोहल्लों में लोहड़ी की अलाव जलाए गए। लोग परिवार और पड़ोसियों के साथ इकट्ठा होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाते नजर आए। इसके साथ ही सुंदर मुंदरिए, हो, तेरा कौन विचारा, हो, दुल्ला भट्टी वाला, हो लोहड़ी के पारंपरिक गीत सुनाई दिए। इसी दौरान अग्नि में तिल, मूंगफली, रेवड़ी, गजक और मक्के की भुनी हुई बालियां डालकर लोग खुशियां मनाते दिखे। नवविवाहित जोड़ों ने भी अपनी शादी की पहली लोहड़ी बांटी।


