श्रीगंगानगर के एसडी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल शुक्रवार शाम को कक्षा 12वीं मेडिकल साइंस की छात्रा की स्कूल की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो जाने के मामले में परिजनों ने स्कूल स्टाफ पर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने अब स्कूल के प्रिंसिपल कमलेश कटारिया, कृष्ण वर्मा व टीचर किरण के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करने की शिकायत दी है। छात्रा के पिता विजय कुमार ने शिकायत में बताया- उनकी लड़की रमनदीप को ऊंचाई से डर लगता था और वह छत पर भी नहीं जाती थी। उसकी तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी। 8 जनवरी को पिता ने स्कूल स्टाफ से रिक्वेस्ट की थी कि छात्रा के प्रैक्टिकल के दौरान परिवार के किसी सदस्य को साथ रहने दिया जाए, लेकिन स्कूल स्टाफ ने मना कर दिया। स्कूल स्टाफ ने उनसे कहा- हमारा सिस्टम आपके हिसाब से नहीं चलेगा। इसके बाद जबरन 11,960 रुपए फीस जमा करवाई गई, जिसमें से 4 हजार की रसीद भी नहीं दी गई। 14 जनवरी को फिजिक्स का पेपर था। पत्नी देवकी साथ गईं, लेकिन छात्रा को जबरदस्ती दूसरी मंजिल पर ले जाया गया जहां छात्रा बेहोश हो गई। जिसे मुश्किल से नीचे लाया गया और दवाई दी गई। जिसके बाद फिर से प्रैक्टिकल के लिए वापस ऊपर ले जाने की कोशिश की गई। जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो प्रिंसिपल ने कहा- प्रैक्टिकल नहीं दिया तो रिजल्ट खराब होगा, स्कूल की बदनामी होगी। टीसी कटवाकर घर ले जाओ। 16 जनवरी को बायोलॉजी प्रैक्टिकल के लिए फिर दबाव डाला गया। जिसके बाद छात्रा को तबीयत खराब होने के बावजूद दूसरी मंजिल पर ले जाया गया। प्रैक्टिकल पूरा कर लैब से निकलते ही छात्रा को चक्कर आया और वह सीढ़ियों बालकनी से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गिर गई। जिसे पत्नी और भांजे ने देखा और शोर मचाया। छात्रा को तुरंत अर्पण हॉस्पिटल लेकर जाया गया जहां से उसे राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि छात्रा की मौत स्कूल स्टाफ की लापरवाही और जिद के कारण हुई है। वे लगातार ऊपर ले जाने पर अड़े रहे, जबकि स्वास्थ्य खराब होने की बार-बार जानकारी दी गई थी। छात्रा का शव अभी सरकारी हॉस्पिटल की मोर्चरी में है। अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। कोतवाली थाने में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं पुलिस टीम स्कूल स्टाफ से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी खंगाले जा रहे है।


