श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में पुरानी फोर्ड फिगो कार दिलाने के नाम पर एचडीएफसी बैंक के पूर्व कर्मचारी से ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता को सस्ती गाड़ी दिलाने का झांसा देकर पैसे हड़प लिए और अब ब्लैकमेल कर रहा है। सूरतगढ़ सिटी पुलिस स्टेशन में दी रिपोर्ट में शिकायतकर्ता अवनोद कुमार ने बताया- वह पूर्व में एचडीएफसी बैंक सूरतगढ़ शाखा में कार्यरत था। इसी दौरान कार बाजार से जुड़े रवि कुमार से उनकी जान-पहचान हुई, क्योंकि दोनों एक ही बिरादरी के थे। 2019 में अवनोद को सेकंड हैंड कार की जरूरत थी। तब रवि कुमार ने अवनोद से गाड़ी दिलाने की बात कही। जिसके बाद रवि ने अवनोद को फोर्ड फिगो मॉडल 2012 कार दिखाई। यह कार विजेंदर सिंह मान के नाम रजिस्टर्ड थी। रवि ने इसे अपनी खरीदी हुई बताकर अवनोद के साथ 1 लाख 90 हजार में सौदा तय किया। जिसके बाद अवनोद ने 1 लाख रुपए नगद दिए और बाकी 90 हजार रुपए 10 हजार की 9 किश्तों में देने को कहा गया। सिक्योरिटी के तौर पर रवि ने अवनोद से एक खाली 500 रुपए का स्टांप पेपर, दो खाली चेक और एक भरा हुआ 95 हजार रुपए का आईसीआईसीआई बैंक का चेक ले लिया। जिसके बाद अवनोद को कार सौंप दी गई और वादा किया गया कि किश्तें पूरी होने पर आरसी ट्रांसफर कर डॉक्यूमेंट दे दिए जाएंगे। अवनोद का दावा है कि उसने ब्याज सहित टोटल 1.03 लाख रुपए रवि कुमार व उसके पुत्र पार्थ और उनकी फर्म ओएसिस केबल के खाते में जमा करवा दिए। जब अवनोद ने बाकी डॉक्यूमेंट और चेक वापस मांगे तो रवि ने देने से मना कर दिया। बाद में वह ब्लैकमेल करने लगा कि 2 लाख रुपए और दो, वरना चेक डिसऑनर करवाकर अवनोद को फंसा देगा। आरोप है कि रवि ने फर्जी डिलीवरी रिपोर्ट बनाई, जिसमें बकाया राशि 1.80 लाख रुपए दिखाई गई। वहीं, रवि ने खुद बयान दिए थे कि सौदा 1.90 लाख में हुआ और 95 हजार बकाया थे, जो अब की फर्जी रिपोर्ट से मेल नहीं खाता। अवनोद ने चेक का भुगतान रुकवाया तो रवि ने उसी चेक के आधार पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल धूप सिंह कर रहे हैं।


