भास्कर न्यूज | राहौद राहौद नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठवें दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। कथा व्यास पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रुक्मणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का सजीव चित्रण किया। उन्होंने बताया कि बाल कृष्ण की यह लीला केवल शरारत नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम, वात्सल्य और आत्मीयता का प्रतीक है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हुए और जयकारों से पंडाल गूंज उठा। इसके बाद रुक्मणी विवाह का सुंदर और मार्मिक वर्णन किया गया। पंडित शर्मा ने बताया कि रुक्मणी ने सच्चे मन से भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति माना था और अधर्म से रक्षा के लिए भगवान ने उनका हरण कर विधि-विधान से विवाह किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने प्रेम, निष्ठा, भक्ति और धर्म की रक्षा का संदेश दिया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को जीवन के सत्य से परिचित कराती है और भगवान के प्रति अटूट विश्वास उत्पन्न करती है।


