लुधियाना| रमन एन्क्लेव एक्सटेंशन में आयोजित भागवत कथा में शास्त्री मुकेश ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह प्रसंग का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा अमृत के समान है, जिसका श्रवण करने से भय, भूख, रोग और संताप स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि संसार दुखों का सागर है और हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से जूझ रहा है। चाहे स्वास्थ्य, परिवार, धन या संतान को लेकर चिंता हो, सभी दुखों से मुक्ति पाने का एकमात्र उपाय ईश्वर की आराधना है। पार्षद सुनील मोदगिल ने कथा का आनंद लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे मन, बुद्धि और आत्मा को ईश्वर के चरणों में समर्पित करें और भागवत कथा को ध्यानपूर्वक श्रवण करें, जिससे जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है। कथा में पार्षद सुनील मोदगिल विशेष रूप से उपस्थित रहे और कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर इंदु खुराना, मीनू जैन, शशि मलिक, सुमन जोशी, मीना ढंडा, दिव्या धवन, अनुपम जैन, हिमानी भंडारी, परवीन कटारिया, सुनीता, उमा व सुनील ने भी हाजरी लगाई।


