सदियों पुरानी माटी कला को आधुनिक तकनीक का सहारा मिल रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने झुंझुनू जिले के 21 चयनित माटी कला कामगारों के लिए 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया है। इस शिविर में कामगारों को बोर्ड द्वारा प्रदान की गई 21 स्वचालित इलेक्ट्रिकल चाक मशीनों और मिट्टी गोंदने की इलेक्ट्रिकल स्वचालित मशीनों के संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल न केवल कारीगरों की दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि उनकी आजीविका को भी नई गति देगी। आधुनिक मशीनों से बढ़ेगी कारीगरों की दक्षता श्री श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक द्वारा भेजी गई ये 21 अत्याधुनिक मशीनें झुंझुनू, खेतड़ी एवं उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र के लॉटरी द्वारा चयनित कामगारों के लिए लाई गई हैं। प्रशिक्षण का शुभारंभ 3 दिसंबर 2025 को बाकरा फाटक के पास झुंझुनू में कुम्हार कुमावत महासभा के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार कुमावत के नेतृत्व में किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर 3 दिसम्बर से शुरू होकर 12 दिसंबर 2025 तक चलेगा। शिविर में प्रशिक्षक बिलू कुमावत ने सभी कामगारों को मिट्टी से विभिन्न प्रकार के उपयोगी बर्तन और कलाकृतियां बनाना सिखाया। ओटोमेटिक मशीनों के उपयोग से माटी कला के काम में गति और गुणवत्ता दोनों आएगी, जिससे कामगारों को आर्थिक रूप से लाभ होगा। पारदर्शिता से हुआ कामगारों का चयन इस अवसर पर योगेंद्र कुण्डलवाल ने प्रशिक्षण शिविर के लिए लाभार्थियों के चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले पूरे झुंझुनू जिला की सातों विधानसभाओं से कुल 158 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से, मोरवाल मंगल भवन झुंझुनू में आयोजित एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सभी सातों विधानसभाओं के 70 आवेदकों की लॉटरी निकाली गई थी। प्रशिक्षण बाद होगा मशीन वितरण कामगारों के लिए सबसे बड़ी सौगात यह है कि उनका 10 दिन का प्रशिक्षण शिविर पूर्ण होने के बाद श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक द्वारा चयनित माटी कला कामगारों को ये इलेक्ट्रिकल चाक मशीनें और मिट्टी गोंदने की मशीनें निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। प्रशिक्षण के शुभारंभ के इस मौके पर डॉ अशोक कुमावत, पार्षद अशोक प्रजापति, सुशील प्रजापति आदि कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


