जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम में वैश्विक अभियान ‘श्रील प्रभुपाद बुक मैराथन 2025’ का शुभारंभ हुआ। अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरे विश्व को श्रील प्रभुपाद के वैदिक साहित्य से जोड़ना है। इस दो माह के अभियान के तहत, मंदिर के भक्त विश्वभर में आध्यात्मिक ग्रंथ जैसे श्रीमद् भगवद गीता, श्रीमद्भागवतम और अन्य वैदिक पुस्तकों का वितरण करेंगे। इस मैराथन की प्रेरणा 1 दिसंबर को मनाई जाने वाली गीता जयंती से ली गई है। गीता जयंती के अवसर पर गुप्त वृन्दावन धाम में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। यह मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। श्रील प्रभुपाद बुक मैराथन का उद्देश्य है कि विश्व के अधिक से अधिक लोग भगवद गीता का अध्ययन कर सकें और भगवान कृष्ण के उपदेशों को अपने जीवन में अपना सकें। बुक मैराथन 2025 के तहत, पुस्तक वितरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भक्तों को पुरस्कार और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस अभियान के परिणाम 15 फरवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। विश्व गुरु श्रील प्रभुपाद ने कहा था, एक पुस्तक किसी का संपूर्ण जीवन बदल सकती है। जिसने मेरी एक भी किताब वितरित की, उसने मेरे हृदय को प्रसन्न कर दिया।


