श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस:प्राचीन तार वाद्यों के साथ गुरबानी कीर्तन, जत्थेदार ने कहा- धर्म के अनुसार हो राजनीति

श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस आज श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित समारोह में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग बाद विशेष कार्यक्रम हुए। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि आज गुरु से तोड़ने के लिए लचरता फैलाई जा रही है। हजूरी रागी भाई भूपिंदर सिंह के जत्थे ने प्राचीन तार वाद्यों पर गुरबानी कीर्तन किया। भाई प्रेम सिंह ने अरदास की। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने पवित्र हुक्मनामा का पाठ किया।ज्ञानी परविंदरपाल सिंह ने इतिहास साझा करते हुए बताया कि छठे गुरु ने श्री अकाल तख्त साहिब का निर्माण कर मीरी पीरी का सिद्धांत दिया। उन्होंने सिखों को शास्त्र विद्या का अभ्यास करवाया। गुरु साहिब ने सिख योद्धाओं में जोश भरने के लिए ढाडी युद्ध प्रारंभ किए। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना धर्म के अनुसार राजनीति के लिए की। उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब अकाल पुरख की गद्दी है। सिख हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित
जत्थेदार ने 18वीं शताब्दी का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सरकारों ने सिखों को मिटाने की घोषणा की, तब श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में अब्दाली को गजनी तक खदेड़ा गया। उन्होंने कहा कि सिख हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित रहे हैं और रहेंगे। उन्होंने कहा कि वो सिखों से विशेष अपील करना चाहते हैं कि सिखों को अपने बच्चों को धर्म के साथ जोड़ना चाहिए। आज गुरु से तोड़ने के लिए समाज में लचरता फैलाई जा रही है। सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और धर्म से जुड़े। उन्होंने सिख युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि आज हमें गुरु से अलग करने की साजिश रची जा रही है, उन्होंने कहा कि सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अपने बच्चों को ऐसे बुरे प्रभावों से बचाने के लिए धर्म से जोड़ना चाहिए। उन्होंने दुखों से बाहर निकलने के लिए गुरु के सिद्धांतों को कायम रखते हुए पूरे देश को श्री अकाल तख्त साहिब की छत्रछाया में एक साथ आने की जरूरत पर बल दिया। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह, शिरोमणि कमेटी के सचिव स. प्रताप सिंह, अतिरिक्त सचिव स. गुरिंदर सिंह मथरेवाल, स. बिजय सिंह, श्री दरबार साहिब के प्रबंधक स. भगवंत सिंह धंगेरा, उप सचिव प्रोफेसर सुखदेव सिंह, स. सिंह, स. जसपाल सिंह ढड्डे, डिप्टी मैनेजर स. गुरतिंदरपाल सिंह और संगत उपस्थित थी।

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