पूरे देश में आज, शनिवार, श्री कृष्ण का जन्मदिन मनाया जा रहा है। कृष्ण जन्माष्टमी पर सजे मंदिरों को देखने श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से मंदिरों में लंबी लाइनें देखी जा सकती हैं। मंदिरों को सुंदर लाइटों से सजाया गया है। हर कोई कृष्ण लल्ला को झूला झुलाने का इच्छुक है। आज रात मंदिरों में भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, मंदिरों में हिंडोले सजाए गए हैं। पंडित सुनील दत्त शर्मा के अनुसार, इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी का आरंभ 15 अगस्त की रात 11 बजकर 50 मिनट से हो चुका है, जबकि इसका समापन 16 अगस्त की रात 9 बजकर 35 मिनट पर होगा। व्रत और पूजा विधि
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन पर व्रत रखना अत्यंत शुभ है। लड्डू गोपाल को गंगाजल से स्नान कराकर, सुंदर कपड़े पहनाकर, मोर पंख अर्पित करके और सुगंधित भोग लगाकर पूजा करनी चाहिए। यदि किसी को शास्त्रों के मंत्र पाठ नहीं आते तो “हरे कृष्णा हरे राम” का जप करना भी उत्तम है। पंडित शर्मा ने कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म रात 12 बजे हुआ था, इसलिए इस दिन मंदिर पूरी रात खुले रहते हैं। भक्त अपने घरों में बाल स्वरूप में कृष्ण की स्थापना कर झूला सजाते हैं। बच्चों को कृष्ण के रूप में सजाने की परंपरा भी प्रचलित है, जिसे मर्यादा के भीतर रहकर करना चाहिए। तस्वीरों में देखें जन्माष्टमी


