छेहर्टा स्थित पंचरत्न श्री कृष्णा मंदिर कमेटी की ओर से कराई जा रही कथा को सुनने कई भक्त पहुंचे। प्रधान तरसेम लाल रंगीला और चेयरमैन परषोत्तम पाल की अध्यक्षता में श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। इसमें व्यास गद्दी पर विराजमान परशुराम महाराज ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का मुख इतना सुंदर था कि जो एक बार देखता तो देखता ही रह जाता था। जब भगवान मोर पंखों का मुकुट पहने हुए तो उनकी छवि ओर से सुंदर हो जाती। जब वह मुरली बजाते थे तो गायें चारा और उनके बछड़े दूध पीना भूल जाते थे। यमुना नदी का जल भी उनके चरणों का आलिंगन करने के लिए उमड़ आता था। यमुना किनारे के वृक्ष भी अपने फूलों को नदी में गिरा देते थे ताकि वह कृष्ण के चरणों तक पहुंच सकें। इस मौके पर कई भजन गाए जिसे सुनकर भक्तजन नाचने लगे। इस मौके पर इस मौके पर विजय सेठ, भूपिंदर पाल, प्रदीप अग्निहोत्री, राज कुमार गुप्ता, नरेश कुमार, राकेश पाल, ज्योति स्वरूप, अश्वनी भारद्धाज, सुशील कुमार शीला, विजय शर्मा समेत कई भक्त मौजूद रहे।


