श्री गुरु ग्रंथ साहिब में उल्लेख एकमात्र स्त्री माता खीवी का बताया इतिहास

भास्कर न्यूज | जालंधर पावन ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में पोह महीने की संक्रांति तथा धन्य धन्य श्री गुरु अंगद देव जी की पत्नी माता खीवी जी की स्मृति को समर्पित विशेष गुरमत समागम करवाया गया। अमृत वेले सजाए गए दीवान में हजूरी रागी जत्थों द्वारा कीर्तन उपरांत ज्ञानी गुरजिंदर सिंह चंबा ने गुरमत विचारों के माध्यम से सिख इतिहास में पोष महीने की महत्ता बताई। विद्वान लेखक ज्ञानी रणधीर सिंह संभल ने माता खीवी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिख इतिहास में वही एकमात्र स्त्री हैं जिनका उल्लेख बाणी के रूप में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में दर्ज है। बेअंत सिंह सरहदी ने आई हुई संगतों का धन्यवाद करते हुए संभल जी को गुरु घर की ओर से आशीर्वाद स्वरूप सिरोपा भेंट किया गया। बड़ी संख्या में संगतों ने दीवान का आनंद लिया। दीवान में इंदरपाल सिंह अरोड़ा, चरणजीत सिंह लुबाणा, हरबंस सिंह, गुरजीत सिंह पोपली, गुरदीप सिंह बवेजा, गुरदीप सिंह उजाला, बिशन सिंह आदि उपस्थित थे। समापन उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया।

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