श्री दरबार साहिब में सोने के पतरे और मीनाकारी के रखरखाव की चल रही कारसेवा के तहत हरि की पौड़ी के अंदरुनी हिस्से में सोने के पतरे लगाए गए। उक्त सेवा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम को सौंपी थी, जिन्होंने जरूरत के अनुसार मरम्मत का कार्य किया है। श्री दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी राजदीप सिंह, शिरोमणि कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख सेवादार भाई मोहिंदर सिंह सोने के पतरे लेकर श्री दरबार साहिब पहुंचे और श्रद्धा के साथ पतरे लगाने की सेवा शुरू की। इससे पहले सरबत दे भले की अरदास भी की गई। इस मौके पर धामी ने कहा कि सचखंड श्री हरमंदर साहिब में हुई मीनाकारी और सोने की आभा कायम रखने का काम कारसेवा के माध्यम से समय-समय पर किया जाता है और इसी के तहत शिरोमणि कमेटी की तरफ से गुरु नानक निष्काम सेवक जत्थे को यह सेवा सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि चल रही सेवा के दौरान पतरों को बिल्कुल पहले जैसा तैयार करके फिर से लगाया जा रहा है। इसी तरह मीनाकारी की देखभाल का काम भी चल रहा है। उन्होंने गुरु नानक निष्काम सेवक जत्थे की तरफ से श्रद्धा के साथ की जा रही सेवाओं की तारीफ की। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के अलावा, भाई इंद्रजीत सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह, मैनेजर भगवंत सिंह, सुपरिंटेंडेंट पब्लिसिटी मलकीत सिंह बेहरवाल, जसपाल सिंह ढड्डे आदि मौजूद थे।


