भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में एकादशी और संक्रांति पर तीनों विग्रहों के दुग्ध स्नान करवाए गए। मंदिर कमेटी के निर्देशों पर करवाए स्नान के दौरान कई भक्तजन माथा देखने पहुंचे। मंदिर के मुख्य पुजारी ओमप्रकाश ने अन्य पुजारी के साथ मिलकर सुबह श्री लक्ष्मी नारायण राम परिवार और राधा-कृष्ण जी के दूध से स्नान कराए। इसी दौरान बाकी पुजारी की ओर से मंत्रोच्चारण निरंतर जारी रहा। तीनों दरबार के विग्रहों का दुग्ध स्नान देखने के लिए शहर के भक्तों का हजूम उमड़ पड़ा। इस मौके पर पुजारी ओम प्रकाश ने बताया कि एकादशी का महत्व ज्यादा होता है। इस दिन दान दक्षिणा देने से मनुष्य के पापों का अंत होता है। इस मौके पर पुजारी द्वारा भक्तों को संक्रांति का महीना सुनाया गया। उन्होंने कहा कि पोष महीने के साथ ही भगवान को खिचड़ी भोग नहीं लगेगा। जबकि गरमाई का प्रसाद भी कम मात्रा में लगेगा। इस मौके पर मंदिर के कई पुजारी और कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। लोगों द्वारा लाए गए दूध से पुजारी द्वारा मंत्र उच्चारण करके दूध के स्नान करवाए गए। इस मौके पर भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।


