चंदनकियारी | प्रखंड के घंघरागोड़ा में आयोजित शिव महोत्सव सह रुद्र महायज्ञ के प्रथम दिन अयोध्या धाम से आए मानस प्रवक्ता सुभाष शास्त्री ने कथावाचन किया। उन्होंने कहा कि श्री राम चरित मानस दर्शनशास्र हैं, इनके अध्ययन व श्रवण से मानव जीवन को अपने दायित्व व रिश्ते का बोध होता है। रामचरितमानस में चार घाट, जिन्हें चार मुख्य संवाद या वक्ता-श्रोता प्रसंग माना जाता है। ज्ञान घाट जिसमें शिव-पार्वती है, उपासना घाट जिसमें कागभुशुंडी-गरुड़ का प्रसंग है, कर्म घाट जिसमें याज्ञवल्क्य-भरद्वाज है और शरणागति घाट जिसमें तुलसीदास-संत का प्रसंग है। यह चारों मानस सरोवर के पावन घाट है, जो राम कथा को अलग-अलग प्रस्तुत किया गया है। इस दौरान किसन माहथा शामिल हुए।


