सवाल- अस्पताल से निकले मेडिकल वेस्टेज को बाहर खुला में क्यों फेंका जा रहा हैं? जवाब- ये मेडिकल वेस्टेज नहीं हैं। यह सामान्य कचरा है। जैसे बचा हुआ खाना, केले का छिलका व अन्य प्रकार के कचरे आदि। इस कचरे का उठाव नगर परिषद, चाईबासा करता है। रोजाना उठाव नहीं कर सप्ताह या दस-पंद्रह दिनों में होता है। सवाल- मेडिकल वेस्टेज खुला में क्यों नहीं फेंकना चाहिए? जवाब- खुले व जहां-तहां फेंकने से संक्रमण फैलने का डर रहता है। साथ ही एचआईवी पॉजिटिव मरीज को इस्तेमाल सुई किसी के स्वास्थ्य शरीर के संपर्क में आ जाए तो व्यक्ति का जीवन बर्बाद हो सकता है। सवाल- मेडिकल वेस्टेज निस्तारण का क्या नियम हैं? जवाब- जहां तक मेडिकल वेस्टेज का सवाल है। उसके लिए चार प्रकार के रूम बनाए गए हैं। रेड रूम में रीयूज आइटम जैसे यूरिनल बैग, सीरिंज। येलो रूम में मानव शरीर से उत्सर्जित आइटम जैसे खून, उल्टी, मल, शरीर का अंग। ब्लू रूम में शार्प चीज जैसे शीशा, वैक्सीन का कांच आदि को कार्ट बोर्ड बॉक्स में रखकर पैक कर दिया जाता है। राजा राय| चाईबासा जिले के सदर अस्पताल में कचरा रखने के लिए एक डस्टबिन की व्यवस्था नहीं हैं। सदर अस्पताल के उत्तरी-पश्चिमी भाग में पोस्टमार्टम हाउस के बगल व सड़क के पास अस्पताल से निकले व काले प्लास्टिक में भरकर कचरे को ऐसे ही खुले में फेंक दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम हाउस के आसपास वन सखी स्टॉप, नेत्र विभाग व अन्य कई अस्पताल से जुड़े विभाग हैं। मेडिकल वेस्ट में हानिकारक सूक्ष्मजीव होते हैं, जो अस्पताल के रोगियों, स्वास्थ्य, कार्यकर्ताओं और लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। संभावित खतरों में दवा प्रतिरोधी सूक्ष्मजीव पर्यावरण में फैल जाते हैं। अस्पताल प्रबंधक आशीष कुमार का अपना पक्ष रहा। नगर परिषद के सिटी मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद सिविल सर्जन से इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि कचरे का उठाव रोजाना होता है। भास्कर रिपोर्टर ने बीच में बात काटते हुए कहा कि रोजाना सफाई नहीं होती है। खुद अस्पताल प्रबंधक ने स्वीकार किया है। ^नगर परिषद के प्रशासक को मैंने कई बार कहा है। उनकी ओर से कहा जाता है ठीक है, लेकिन नहीं हो पाता है। अस्पताल का होल्डिंग टैक्स बकाया रहने के कारण प्रशासक की जवाबदेही रहती है। इसलिए सफाई रोज नहीं हो पाती है। सुशांतो मांझी, सिविल सर्जन, सदर अस्पताल, चाईबासा। सीधी बात आशीष कुमार, अस्पताल प्रबंधक


