संक्रांति पर्व पर श्रद्धालुओं ने कर्म व विचारों की महत्ता को जाना

लुधियाना| इस संसार मे कोई भी मनुष्य स्वभावतः किसी के लिए उदार, प्रिय या दुष्ट नहीं होता। व्यक्ति के कर्म ही उसे संसार मे गौरव अथवा पतन की ओर ले जाते हैं। यह शब्द जैन स्थानक नूरवाला रोड पर संक्रांति पर्व पर आयोजित धर्म सभा में व्याख्यान वाचस्पति संघ रत्न भंडारी बाबा श्री सुमंत भद्र महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कर्म करना बहुत अच्छा है, पर वह विचारों से आता है। इसलिए अपने मस्तिष्क को उच्च विचारों एवं उच्चतम आदर्शों से भर लो, उन्हें रात दिन अपने सामने रखो। उन्हीं से महान कर्मों का उदय होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि महान पुरुषों का जीवन हमें याद दिलाता है कि हम कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और दृढ़ता के माध्यम से महानता प्राप्त कर सकते हैं। सुमंत भद्र महाराज ने संक्रांति नाम सुनते हुए श्रद्धालुओं को बड़ा मंगल पाठ भी सुनाया। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के प्रधान अवनीश जैन, उप प्रधान अरुण जैन, वरिष्ठ उपप्रधान अभिनंदन जैन बोथरा, सेक्रेटरी अशोक जैन, कैशियर अरिहंत जैन, नीरज जैन, तनुज जैन सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहें।

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